मान लो तो हार , ठान लो तो जीत l
दोस्तो किसी ने सच ही कहा है कि मन के हारे हार है और मन के जीते जीत l
सफलता पाने के लिए सबसे पहले हमें खुद पर ही विजय पानी होती है l यदि हम ठान लेते है कि हम किसी काम को कर सकते हैं तो उस काम को हम अवश्य कर पाते है l और यदि हम मन मै सोच लेते है की अमुक कार्य को हम नहीं कर सकते या ये कार्य हमसे नहीं होगा तो सच मै वह कार्य हमसे नही होता l भगवान हमेशा हमारी सहायता करते हैं , जब हम कहते हैं कि मैं नहीं कर सकता तो भगवान कहते हैं तथास्तु और जब हम कहते हैं ये कार्य मैं कर सकता हूँ तब भी भगवान कहते हैं तथास्तु अतः होता वही है जो हम सोचते हैं और भगवान भी हमारी मर्जी को ही पूरा करते हैं l
जरा सोचो अगर हम कुछ करना चाहते हैं तो हमें कौन रोकता है ,कोई नहीं बल्कि केवल हमारी सोच ही कहती है कि मैं यह नहीं कर सकता और भगवान कहते हैं तथास्तु l अतः हम सफल होते है तो अपनी वजह से और असफल होते हैं तो अपनी वजह से l
जो सफलता पाने का इरादा रखता है वही सफल हो साकता है ,जिसने इरादा ही नहीं किया वो तो कभी सफल नही हो सकता l
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