सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग ।

 सबसे  बड़ा रोग क्या  कहेंगे लोग । 


    भारत मै लगातार हार्ट अटैक के केस बढ़ रहे है तथा लोग डिप्रेशन का शिकार  हो रहे हैं।  यधपि इसके अनेक कारण हैं परन्तु  एक मुख्य कारण हैं की लोगों को इस बात का तनाव रहता हैं की और लोग मेरे वारे मै  क्या  सोचते हैं तथा वे क्या सोंचेंगे।  यह सब सोचकर न तो लोग खुलकर जी पाते हैं और ना ही कोई  जोखिम लेकर सफलता पाने के लिए तैयार हो पाते है। जबकि हकीकत ये हैं कि ना  तो लोगों के पास दूसरों कि बारे मै सोचने का वक्त हैं और ना ही उनके पास कोई बेहतर समाधान होता हैं।  बहुत से लोग सिर्फ  यह सोचकर कि लोग क्या  कहेंगे, अपनी कमाई से अधिक खर्ज करते हैं और बाद मै पछताते हैं। कुछ लोग कई व्यवसाय   यह सोचकर नहीं करते की यह छोटा कार्य हैं और अगर मै इस काम को करूँगा तो लोग क्या  कहेंगे , लोग क्या  सोंचेंगे और इस झूंटी शान मै वो उस कार्य को नहीं करते या छोड़ देते हैं जिस कार्य मै उनके सफल होने कि सम्भावना बहुत अधिक होते हैं और ऐसे कार्य को अपनाते हैं जो ना तो उनके स्वभाव के अनरुप होता है और ना ही कुशलता क़े अनरूप। 


कई बार लोग सिर्फ दूसरे  लोगो को दिखाने क़े चककर  मै अपनी आय से अधिक खर्च कर कर्जे मै डूब जाते हैं और फिर मानसिक  तनाव पालते हैं। 


हमें लोगों की परवाह ना करर्ते हुए अपना स्वभाविक जीवन जीना चाहिए तथा जो उचित हैं वही करना चाहिए।  केवल इतना सोचना चाहिए की हमारे माता पिता या परिवार इस बात से सहमत हैं या नहीं यदि हाँ तो फिर किसी की चिंता नहीं करनी चाहिए। 


रिस्तेदार जानपहचान वाले आपको सिर्फ अपनी  मुसीबत मै याद करते हैं  तुम्हारी मुसीबत मै मुँह छुपाते हैं। अतः सबसे पहले अपनी  जिंदगी फिर अपने परिवार के वारे मै सोचना चाहिए बस।  लोंगो का क्या हैं अगर आप सफल होंगे तो मुँह पर तारीफ करेंगे और पीछे जलन एवं बुराई। अगर आप असफल हुए तो मजाक एवं खुश। 


लोगो के लिए उम्र भर करते रहो बस एक बार चूक जाओ बस सब खतम।  किसी ने सच कहा हैं


 कुछ तो लोग कहेंगे लोंगो का काम हैं कहना 


अतः

 लोगों के बारे मै मत सोचो अपने एवं अपने परिवार के वारे मै सोचो। 

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