खुद से शुरुआत करें

 खुद से शुरुआत करें 




यदि हमें एक अच्छा दोस्त चाहिए तो हमे पहले खुद एक अच्छा दोस्त बनना होगा l 

यदि हमें एक अच्छा जीवनसाथी चाहिए तो हमे एक अच्छा इंसान बनना होगा तथा हमारे अंदर वे सव गुण एवं आदतें होनीं चाहिए जो  हम अपने जीवनसाथी में चाहते  हैं l 

यदि हम चाहते हैं कि  हमारे बच्चे संस्कारी एवं चरित्रवान बनें तो पहले हमें संस्कारी एवं चरित्रवान बनना होगा l यदि हम  दूसरों को बदल सकते हैं तो उनको बदलने  कोशिश करैं और अगर नहीं बदल सकते तो हमे खुद को बदल लेना चाहिए l 

दुनिया हमारे हिसाब से नहीं चलती वल्कि हमे दुनिया के हिसाव से चलना होता है और अगर हम  लोगों को अपने हिसाब से बदलना चाहते है तो पहले हमे बदलना होगा l 

एक बार एक राजा कोआँखों की  भयंकर बीमारी हो गई उसने बहुत से वैद और हकीमों  से इलाज कराया परन्तु कोई फायदा नहीं हुआ  अन्तः  मै  एक विद्वान ने बताया की अगर राजा केवल हरा- हरा ही देखे तो आँखें  ठीक हो सकती हैं l  अब तो राजा के चारो तरफ हरा हरा बनाना शुरू  हो गया उसके कमरे मै हरा रंग उसके कपडे हरे , बर्तन हरे यहाँ तक के दरवार के प्रत्येक व्यक्ति को हरे कपडे एवं हरी  टोपी लगानी आवश्यक थी l  एक दिन राजा बहार निकला तो आसमान की तरफ देखने लगा वो नीला था अव  उसे कैसे हरा किया जाए ?  राजा ने सभी विद्वानों को बुलाया और समस्या का हल निकलने को बोला l  अनेक विद्वानों ने कई उपाय बताइए  परन्तु कोई समाधान नहीं निकला  अंत मै  एक विद्वान ने बताया कि  सारी  दुनिया को हरा रंगने से अच्छा  है की राजा हरे रंग का चश्मा  पहन ले  राजा ने हरे रंग का चश्मा  पहन लिया और समस्या का  समाधान मिल  गया l  अत  हम सबकुछ नहीं बदल सकते कई बार हमे खुद बदलना होता है और शुरुआत  खुद से करनी होती है l 

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