सब तुम्हारे हैं पर कोई तुम्हारा नहीं
सब तुम्हारे हैं पर कोई तुम्हारा नहीं
आप कहेंगे ये क्या बात हुई। जी हाँ मैं सच कह रहा हूँ । हर रिश्ते हर मशीन हर एक चीज की कोई हद होती है कोई सीमा होती है । हर इंसान हर चीज बिकाऊ है बस कीमत अलग अलग होती है। कोई इंसान 10 रुपए पर बिक जाएगा कोई 1000 पर तो कोई 1 करोड़ पर । कोई भी इंसान हमारा साथ एक सीमा तक देता है तथा अलग अलग इन्सानो के संबंध में ये सीमा अलग अलग होती है । हर यार हर रिश्ता मतलब का है मतलब खत्म रिश्ता खत्म । मतलब के साथ भाईचारा हमदर्दी लगन प्यार भी होता है पर वह स्वाद अनुसार होता है।
आप कहेंगे ये क्या बात हुई तो क्या दुनियाँ में सभी धोखे बाज हैं। नहीं मैंने ऐसा तो नहीं कहा मेरा कहने का मतलब है कि सब तुम्हारे हैं पर एक हद तक । किसी कि बातों पर एकदम विश्वास ना करें । अपनी योजनाए उसी को बताए जो आपकी योजना मै उद्देश्य प्राप्ति में सहायक हो सकता है तथा उसे भी यौजना का वही भाग बताए जो बताना आवश्यक हो उससे अधिक नही।
महनत ना करके असफल होने वाले लोगों से अधिक संख्या उन लोगों कि है जो अपनी योजनाए पहले ही सबको बता देते है और असफल होते हैं। आपने शतरंज का खेल खेला होगा अगर आप अपनी चाल पहले ही सबको बता दोगे तो जीतना मुस्किल होता है।
अक्ल बादाम खाने से नहीं आती धोखा खाने से तथा ठोकर खाने से आती है ।
ज्ञान कि बाते किताबों मै नहीं मिलती । सीखनी पड़ती हैं
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