NPS vs UPS: कौन सी पेंशन स्कीम बेहतर है? Voluntary Retirement से पहले जानिए सटीक तुलना
आज की तारीख में लगभग सभी सरकारी कर्मचारियों के सर में यह सोच सोच कर दर्द हो रहा है कि NPS अच्छी है या UPS।
आइए NPS एवं UPS का तुलनात्मक विश्लेषण करते हें
UPS बनाम
NPS – सटीक तुलना तालिका
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विशेषता |
UPS (यूनिफाइड
पेंशन स्कीम) |
NPS (नेशनल पेंशन
स्कीम) |
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✔️ प्रभावी तिथि |
1 अप्रैल 2025 से लागू |
1 जनवरी 2004 से लागू |
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🕛 विकल्प चुनने
की अंतिम तिथि |
30 जून 2025 तक UPS या NPS चुनना अनिवार्य |
स्वतः जारी है, कोई अंतिम तिथि
नहीं |
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🧾 कर्मचारी अंशदान |
मूल वेतन + महंगाई भत्ता का 10% |
मूल वेतन + महंगाई भत्ता का 10% |
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💼 सरकारी अंशदान |
मूल वेतन + महंगाई भत्ता का 18.5% |
मूल वेतन + महंगाई भत्ता का 14% |
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📜 पेंशन की
प्रकृति |
मिश्रित: सुनिश्चित पेंशन भुगतान की गारंटी |
परिभाषित अंशदान (बाजार आधारित) |
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📉 न्यूनतम पेंशन |
₹10,000 प्रतिमाह (कम से कम 10 वर्षों की सेवा पर) |
कोई गारंटी नहीं |
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🧓 पूर्ण पेंशन |
अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% (≥25 वर्ष सेवा) |
आपके कॉर्पस व एन्युटी प्लान पर निर्भर करता है |
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👪 पारिवारिक
पेंशन |
कर्मचारी की पेंशन का 60% |
कॉर्पस और चुने गए एन्युटी प्लान के अनुसार |
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🔄 महंगाई दर
समायोजन (DA) |
हाँ – AICPI-W से जुड़ी हुई |
नहीं |
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💰 सेवानिवृत्ति
पर एकमुश्त राशि |
हर 6 महीने की सेवा पर वेतन का 1/10 हिस्सा (ग्रेच्युटी से अलग) |
कॉर्पस का 60% एकमुश्त; 40% एन्युटी में जाएगा |
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🏦 रिटर्न रिस्क |
बहुत कम – सरकार द्वारा सुनिश्चित |
उच्च – शेयर बाजार और बॉन्ड पर आधारित |
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🔐 कॉर्पस का
स्वामित्व |
आप कॉर्पस के मालिक नहीं; सरकार द्वारा पेंशन दी जाएगी |
कॉर्पस आपका है, सेवा <25 वर्ष होने पर भी बना रहता है |
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🛑 वापस NPS में जाना |
❌ संभव नहीं – UPS चुनने के बाद
वापसी नहीं |
लागू नहीं |
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⏳ 25 वर्ष से पहले इस्तीफा |
≥10 वर्ष सेवा पर न्यूनतम पेंशन मिलती है, पर पूरी राशि 60 वर्ष तक रोकी
जाती है |
नियमों अनुसार कभी भी निकासी संभव |
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📈 मुद्रास्फीति
से सुरक्षा |
हाँ – DA के अनुसार बढ़ोत्तरी |
कोई स्थायी व्यवस्था नहीं; कुछ एन्युटी प्लान में विकल्प |
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📝 नियामक
प्राधिकरण |
वित्त मंत्रालय / भारत सरकार द्वारा नियंत्रित |
PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी अथॉरिटी) द्वारा नियंत्रित |
🔍 मुख्य
निष्कर्ष:
💰 योगदान
में लाभ:
- UPS: कर्मचारी 10% + सरकार 18.5% = कुल 28.5%
- NPS: कर्मचारी 10% + सरकार 14% = कुल 24%
🔐 सुरक्षा
और स्थिरता:
- UPS में पेंशन
गारंटीड है, कोई जोखिम नहीं।
- NPS में पेंशन
कॉर्पस और बाज़ार प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
📈 महंगाई
के अनुसार वृद्धि:
- UPS में DA
के अनुसार पेंशन बढ़ती है।
- NPS में
एन्युटी प्लान के अनुसार ही बढ़ोत्तरी संभव।
💵 एकमुश्त
लाभ:
- UPS में सेवा
के अनुसार एक तय राशि मिलती है (ग्रेच्युटी से अलग)।
- NPS में 60% राशि
सेवानिवृत्ति पर मिलती है, बाकी से
एन्युटी खरीदी जाती है।
🔓 कॉर्पस
का स्वामित्व:
- UPS में आप
कॉर्पस के मालिक नहीं, सिर्फ पेंशन मिलती है।
- NPS में कॉर्पस
आपका है, सेवा बीच में छोड़ने पर भी
निकासी संभव।
📤 सेवा
से पहले त्यागपत्र देने पर:
- UPS में ≥10 साल सेवा
के बाद पेंशन तो मिलेगी, पर पूरी
राशि 60 वर्ष तक लॉक रहेगी।
- NPS में कॉर्पस
पर पूरी पहुंच उपलब्ध रहती है।
🧠
निर्णय सूत्र:
👉 UPS
चुनें अगर आप चाहते हैं:
- सुनिश्चित
पेंशन
- महंगाई से
सुरक्षा
- कोई बाज़ार
जोखिम नहीं
👉 NPS
चुनें अगर आप चाहते हैं:
- फंड पर
मालिकाना हक
- लचीलापन और
जल्दी निकासी का विकल्प
- उच्च जोखिम
के साथ बेहतर रिटर्न की संभावना
चलो हम दो उदाहरण लेते हें-
उदाहरण 1।
मान लो मिस्टर X ने 2007
में ग्रुप ए सर्विस जॉइन की तथा आज की तारीख में मान लो
उसका मूल वेतन 1 लाख रूपये है तथा उसके NPS
फ़ंड में 60 लाख रूपये हें। मान लो
वह अधिकारी 2040 में रिटाइर होता हे तथा तब उसका
मूल वेतन 3 लाख रूपये
हो जाता है तथा NPS
फ़ंड में 5 करोड़ हो जाता है ,चलो
अब दोनों पेंशन स्कीम का तुलनात्मक विश्लेषण करते
हें-
NPS
NPS में उसे निम्न पेंशन फायदा मेलेगा
5 करोड़ का 60%
अर्थात 3 करोड़
2 करोड़ की पेंशन मिलेगी जो की लगभग 1 लाख
रूपये प्रति माह होगी ,
मान लो अब वह व्यक्ति 3 करोड़
को म्यूचुअल फ़ंड आदि में लगा देता है जिसपर
उसे 9% वार्षिक व्याज मिलता
है तो उसे 2 लाख
25 हजार प्रति माह मिलेगा अर्थात
पेंशन+ व्याज =1 लाख +2.25
लाख =3.25 लाख तथा 3 करोड़
उसके खाते में पड़ा रहगा और अंत में वो पैसा भी
उसका ही होगा।
UPS
चलो अब इसी उदाहरण को UPS
में लेते हें
पेंशन 3 लाख का 50%
अर्थात 1.5 लाख, मान
लो उस वक्त DA 40% होता है तो उसकी कुल पेंशन = 2.10
लाख तथा इसके अलावा उसे सात माह की सैलरी लगभा 21 लाख
मिलेंगे मान लो इस 21 लाख को वह किसी फ़ंड में 9% दर
से लगता है तो उसे लगभग 15 हजार रूपये मिलते हें तो उसे कुल 2.10
लाख + 15 हजार =2.25
लाख प्रति माह मिलेंगे और खाते में 21 लाख
केवल ।
उदाहरण 2
अब मान लो एक कर्मचारी
Y 2007 में ही NPS
में आता है आज की तारीख में मान लो उसका मूल वेतन 35 हजार
है तथा उसके NPS
खाते में 20 लाख रूपये हें मान लो
वह 2035 में रिटाइर होता है तथा तब उसका
मूल वेतन 1 लाख होता
है तथा उसके NPS फ़ंड में 1 करोड़
होता है तो चलो अव विश्लेस्ण करते हें।
हजार
NPS
NPS में उसे 1 करोड़
का 60% अर्थात 60 लाख
मिलेगा तथा लगभग 20 हजार
रूपये पेंशन मिलेगी । मान लो अब वो 60 लाख
को वह 9% व्याज वाले फ़ंड में लगा देता है तो
उसे प्रति माह 45 हजार व्याज मिलेगी टोटल होगा 20 हजार
+ 45 हजार =65 हजार
तथा 90 लाख उसके खाते में रहेंगे।
UPS
उसे UPS में पेंशन मिलेगी 50 हजार
मान लो उस समय DA 40% है तो टोटल पेंशन होगी 70 हजार
तथा उसे छ माह का वेतन लगभग 8.5 लाख मान लो अब उसे वह
ऐसे फ़ंड में लगता है जिसमे उसे 9%व्याज मिलता है तो उसे
व्याज मिलेगी 6.5 हजार पर माह तो उसकी कुल आय 70 हजार+
6.5 हजार=76.5
हजार pr माह
अर्थात यदि NPS फ़ंड
तथा सर्विस कम वर्षो की है तो UPS
अच्छा है और यदि फ़ंड अधिक है तो NPS
अच्छा है ।
बहुत अच्छा विश्लेषण डॉ कौशिक ने किया है...पढ़कर काफी लाभ हुआ। धन्यवाद
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
जवाब देंहटाएंInformative
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