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सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग ।

 सबसे  बड़ा रोग क्या  कहेंगे लोग ।       भारत मै लगातार हार्ट अटैक के केस बढ़ रहे है तथा लोग डिप्रेशन का शिकार  हो रहे हैं।  यधपि इसके अनेक कारण हैं परन्तु  एक मुख्य कारण हैं की लोगों को इस बात का तनाव रहता हैं की और लोग मेरे वारे मै  क्या  सोचते हैं तथा वे क्या सोंचेंगे।  यह सब सोचकर न तो लोग खुलकर जी पाते हैं और ना ही कोई  जोखिम लेकर सफलता पाने के लिए तैयार हो पाते है। जबकि हकीकत ये हैं कि ना  तो लोगों के पास दूसरों कि बारे मै सोचने का वक्त हैं और ना ही उनके पास कोई बेहतर समाधान होता हैं।  बहुत से लोग सिर्फ  यह सोचकर कि लोग क्या  कहेंगे, अपनी कमाई से अधिक खर्ज करते हैं और बाद मै पछताते हैं। कुछ लोग कई व्यवसाय   यह सोचकर नहीं करते की यह छोटा कार्य हैं और अगर मै इस काम को करूँगा तो लोग क्या  कहेंगे , लोग क्या  सोंचेंगे और इस झूंटी शान मै वो उस कार्य को नहीं करते या छोड़ देते हैं जिस कार्य मै उनके सफल होने कि सम्भावना बहुत अधिक होते हैं और ऐसे कार्य को अपनाते हैं जो ना तो उनके स्वभा...
    Positive Attitude person Negative attitude person 1 Always part of the answer Always part of a problem 2 Always has a plan Always has an excuse 3 Says, "It may be difficult, but possible." Says, "May be possible but difficult" 4 Admits the mistake Never admit the mistake 5 Makes commitments Makes promises 6 Says, "I must do something." Says, "Something must be done." 7 Think about gain Think about pain 8 See the possibilities See the problem 9 Believe in win-win Believe gain for himself and someone to lose 10 Firm on values but compromise on petty things Stand firm on petty things but compromise values ...

सुखी जीवन जीने का मंत्र.

  सुखी जीवन जीने का मंत्र.      खुशहाल जीवन की कोई एक और विशिष्ट परिभाषा नहीं है। खुशहाल जीवन का अर्थ हर किसी के लिए अलग-अलग होता है, जो उम्र, आय स्तर, विकल्प, परिस्थितियाँ, पेशा, समाज आदि पर निर्भर करता है।      यह जीवन और करियर के विभिन्न चरणों में व्यक्ति की प्राथमिकताओं और विकल्पों पर भी निर्भर करता है। बहुत खेलना और कोई मेहनत न करना एक बच्चे की प्राथमिकता हो सकती है, जबकि पैसा कमाना एक वयस्क व्यक्ति की प्राथमिकता हो सकती है, लेकिन स्वास्थ्य एक बूढ़े व्यक्ति की प्राथमिकता हो सकती है।      एक खुशहाल जीवन तब होता है जब इच्छाएँ पूरी होती हैं, सपने सच होते हैं और हम संतुष्ट महसूस करते हैं। हमारी इच्छाएँ उचित और प्राप्त करने योग्य होनी चाहिए ताकि अगर हम अपनी इच्छाओं को पूरा करने में असफल हो जाएँ तो हम दुखी न हों। इसलिए सुखी जीवन का मंत्र यही है कि हम अपनी इच्छाओं को सीमित और तर्कसंगत रखें।