संदेश

खुद से शुरुआत करें

चित्र
  खुद से शुरुआत करें  यदि हमें एक अच्छा दोस्त चाहिए तो हमे पहले खुद एक अच्छा दोस्त बनना होगा l  यदि हमें एक अच्छा जीवनसाथी चाहिए तो हमे एक अच्छा इंसान बनना होगा तथा हमारे अंदर वे सव गुण एवं आदतें होनीं चाहिए जो  हम अपने जीवनसाथी में चाहते  हैं l  यदि हम चाहते हैं कि  हमारे बच्चे संस्कारी एवं चरित्रवान बनें तो पहले हमें संस्कारी एवं चरित्रवान बनना होगा l यदि हम  दूसरों को बदल सकते हैं तो उनको बदलने  कोशिश करैं और अगर नहीं बदल सकते तो हमे खुद को बदल लेना चाहिए l  दुनिया हमारे हिसाब से नहीं चलती वल्कि हमे दुनिया के हिसाव से चलना होता है और अगर हम  लोगों को अपने हिसाब से बदलना चाहते है तो पहले हमे बदलना होगा l  एक बार एक राजा कोआँखों की  भयंकर बीमारी हो गई उसने बहुत से वैद और हकीमों  से इलाज कराया परन्तु कोई फायदा नहीं हुआ  अन्तः  मै  एक विद्वान ने बताया की अगर राजा केवल हरा- हरा ही देखे तो आँखें  ठीक हो सकती हैं l  अब तो राजा के चारो तरफ हरा हरा बनाना शुरू  हो गया उसके कमरे मै हरा रंग उसके क...

Leadership

चित्र
  Leadership Leadership is the ability of an individual or a group of people to influence and guide followers or members of an organization, society, or team. Not all famous politicians are necessarily leaders, As many famous politicians do not possess all the essential qualities of a leader. A leader is one who sets an example before his followers. Several attributes separate good leadership from outstanding leadership, including the following: Strong, realistic visions. Determination, knowledge, Honesty, patience, passion Clear and effective communication. Adaptability, flexibility, and creativity. Strategic and visionary decision-making. Persuade, motivate, empower and inspire. There are three kinds of well-known leaderships. 1.     Authoritarian Leadership 2.     Democratic Leadership 3.      Laissez-faire leadership

खुशहाल जीवन

चित्र
खुशहाल जीवन जीवन  जिओ  हम इस दुनिया मै  एक निश्चित  अवधि  का जीवन जीने  आते हैं l चाहे  हम किसी भी जात के  हो किसी भी धर्म या प्रान्त के हों ,भगवान हम पर किरपा  करते समय कोई भेद भाव नहीं करते ,सूरज सभी को सामान रूप से अपनी धूप एवं प्रकाश देता है , पृथ्वी एवं पर्यावरण सबको सामान रूप से जीवन  का आयाम देते हैं l  कानून सामान रूप से जीने एवं  आय के अवसर देता है  फिर भी कोई दुखी होता है और कोई  खुश , आखिर क्यों , --------- सामान आय एवं धन होने पर भी एक इंसान हमेश खुश रहता है जबकि एक आदमी रोता रहता है आखिर क्यू ------------ सोचने की बात है l  खुशियों का सम्बन्ध धन एवं आय से केवल हमारी मूलभूत आवश्यकताओं  तक ही सीमित है  l  एक  बार हमारी आवश्यतकाए  पूरी  हो गईं  तो फिर  हमारी खुशियों का सीधा सम्बन्ध हमारी आय से नहीं रह जाता l  हम जानते हैं की इस संसार मै  कुछ भी स्थाई नहीं है कोई दुःख ,कोई ख़ुशी कोई पद ,सभी कुछ समय के होते है परन्तु हम जिस स्तिथि मै होते हैं उसे ही स्थाई म...