संदेश

NPS Vs UPS

NPS Vs UPS आज की तारीख में लगभग सभी सरकारी कर्मचारियों के सर में यह सोच सोच कर दर्द हो रहा है कि NPS अच्छी है या UPS। आइए NPS एवं UPS का  तुलनात्मक विश्लेषण   करते हें चलो हम दो उदाहरण लेते हें- उदाहरण 1। मान लो मिस्टर X ने 2007 में ग्रुप ए सर्विस जॉइन की तथा आज की तारीख में मान लो उसका मूल वेतन 1 लाख रूपये है तथा उसके NPS फ़ंड में 60 लाख रूपये हें। मान लो वह अधिकारी 2040 में रिटाइर होता हे तथा तब उसका मूल वेतन 3 लाख  रूपये हो जाता है  तथा NPS फ़ंड में  5 करोड़ हो जाता है ,चलो अब दोनों पेंशन  स्कीम का तुलनात्मक विश्लेषण करते हें- NPS NPS  में उसे निम्न पेंशन फायदा मेलेगा 5 करोड़ का 60%  अर्थात 3 करोड़ 2 करोड़ की पेंशन मिलेगी जो की लगभग 1 लाख रूपये प्रति माह होगी , मान लो अब वह व्यक्ति 3 करोड़ को म्यूचुअल फ़ंड आदि में लगा देता है  जिसपर उसे 9% वार्षिक व्याज मिलता  है तो उसे 2 लाख 25 हजार प्रति माह मिलेगा अर्थात पेंशन+ व्याज =1 लाख +2.25 लाख =3.25 लाख तथा 3 करोड़ उसके खाते में पड़ा रहगा और अंत में वो पैसा  भी उसका ही होगा। UPS चलो  अब...

OPS/NPS/UPS

चित्र
    https://pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2048607 Salient features of unified Pension Scheme                 (UPS) 1.        Date of Effective Unified pension scheme will be effective from 1 st April 2025   2.      Applicable to- Unified pension scheme is optional to all those government employees    who have been appointed after 31-12-2003 under new pension Scheme  or retired  under New Pension scheme.                         3.Assurance        Assured pension minimum 10,000/- per month on completion  of 10 years  regular service.   Any employee who has completed 10 years of regular service   will get a minimum pension @Rs.10, 000/- per month, on a complication  ...

मन क्या है।

 हम अक्सर बातें करते हैं कि इस काम में मेरा मन नहीं लग रहा। मन खराब हो गया। मन लगा कर काम  करो। मन करता है उड़कर वहाँ पहुँच जाऊँ ।  सोचो ये मन क्या है ? मन शरीर के किस हिस्से में होता है? क्या दुख एवं सुख मन कि अवस्था हैं? मन चंचल क्यो होता है ? मन को वस में क्यो करना चाहिए? मन को वस में कैसे किया जा सकता है ? कोई मन से कैसे उतार जाता है ? कभी-कभी हमारा मन कैसे भर आता है ? हम मन भर कर कैसे खाते हैं? मन में कचोट कैसे उठती है ? मन बच्चा कैसे बन जाता है ? मन कच्चा  कैसे होता है ? मन भर मौज मस्ती कैसे होती है ? मन इतनी तेज कैसे चलता है ? कोई मूरत मन में  बस जाती है तो क्या मन कोई घर है? हर खुशी, हर गम ,सफलता,असफलता, सभी बीमारियों ,लाभ,हानि ,जन्म- मरण सबके पीछे मन कैसे है? मन  मगन भी होता है । मन में लड्डू भी फूटते है । मन खुश भी होता है , मन घबराता भी है।  आखिर  मन है क्या ? मन शान्त कैसे होता है और मन अशांत कैसे होता है ? क्या हमारा दिमांग ही मन होता है ?या मन हमारे दिमांग में  ।  होता है?  क्या मन हमारे दिल में होता है?  मन ही मन ...